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40 दिन से खाली था डॉक्टर का पद, अब मेवाड़ी गेट पीएचसी में नियुक्ति
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40 दिन से खाली था डॉक्टर का पद, अब मेवाड़ी गेट पीएचसी में नियुक्ति

मेवाड़ी गेट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 40 दिन से खाली पड़े डॉक्टर के पद पर आखिरकार डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने पद ग्रहण कर लिया। डॉक्टर नहीं होने के कारण इस अवधि में अनुमानित 1200 मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पताल या राजकीय अमृतकौर अस्पताल जाना पड़ा। अब डॉक्टर की नियुक्ति होने से आसपास के क्षेत्र के मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को डॉ. राजेंद्र तापड़िया के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां डॉक्टर का पद रिक्त था। डिस्पेंसरी प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधन को पत्र भेजकर डॉक्टर की मांग की गई। करीब 6 महीने बाद डॉ. रेखा मीणा को यहां तैनात किया गया। हालांकि, करीब 5 महीने सेवा देने के बाद उन्हें फिर से मुख्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद डिस्पेंसरी फिर बिना डॉक्टर के संचालित होने लगी। करीब 11 महीने बाद डॉक्टर रोहित की नियुक्ति हुई, लेकिन महज 40 दिन बाद उनका भी स्थानांतरण जैतारण कर दिया गया। इसके बाद पिछले 40 दिनों से फिर डॉक्टर का पद खाली था। इस दौरान प्रतिदिन पहुंचने वाले 150 से अधिक मरीजों की जांच और दवा लिखने का काम कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को ही संभालना पड़ रहा था। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उपचार के लिए अमृतकौर अस्पताल रेफर किया जाता था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में पिछले 40 दिनों में सिटी डिस्पेंसरी से अनुमानित 1200 मरीज बिना डॉक्टर और दवा के लौटे। डिस्पेंसरी विभाग की ओर से लगातार पत्राचार के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव को नियुक्त किया है। वर्तमान में सिटी डिस्पेंसरी में 1 मेडिकल ऑफिसर, 3 नर्सिंग स्टाफ, 2 एएनएम, 1 फार्मासिस्ट और 1 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं।

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दैनिक भास्कर · 1 अक्टूबर 2026
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लेख सारांश

मेवाड़ी गेट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 40 दिन से खाली पड़े डॉक्टर के पद पर आखिरकार डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने पद ग्रहण कर लिया। डॉक्टर नहीं होने के कारण इस अवधि में अनुमानित 1200 मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पताल या राजकीय अमृतकौर अस्पताल जाना पड़ा। अब डॉक्टर की नियुक्ति होने से आसपास के क्षेत्र के मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को डॉ. राजेंद्र तापड़िया के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां डॉक्टर का पद रिक्त था। डिस्पेंसरी प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधन को पत्र भेजकर डॉक्टर की मांग की गई। करीब 6 महीने बाद डॉ. रेखा मीणा को यहां तैनात किया गया। हालांकि, करीब 5 महीने सेवा देने के बाद उन्हें फिर से मुख्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद डिस्पेंसरी फिर बिना डॉक्टर के संचालित होने लगी। करीब 11 महीने बाद डॉक्टर रोहित की नियुक्ति हुई, लेकिन महज 40 दिन बाद उनका भी स्थानांतरण जैतारण कर दिया गया। इसके बाद पिछले 40 दिनों से फिर डॉक्टर का पद खाली था। इस दौरान प्रतिदिन पहुंचने वाले 150 से अधिक मरीजों की जांच और दवा लिखने का काम कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को ही संभालना पड़ रहा था। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उपचार के लिए अमृतकौर अस्पताल रेफर किया जाता था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में पिछले 40 दिनों में सिटी डिस्पेंसरी से अनुमानित 1200 मरीज बिना डॉक्टर और दवा के लौटे। डिस्पेंसरी विभाग की ओर से लगातार पत्राचार के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव को नियुक्त किया है। वर्तमान में सिटी डिस्पेंसरी में 1 मेडिकल ऑफिसर, 3 नर्सिंग स्टाफ, 2 एएनएम, 1 फार्मासिस्ट और 1 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं।

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