कोरोना में बंद जमा जमाया बिजनेस, फिर रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए लोगों ने मारे ताने, आज है घर, गाड़ी, पैसा
सागर की अर्चना श्रीवास्तव ने 2007 में महज 12 टिफिन से अपना काम शुरू किया था. अच्छी क्वालिटी और स्वाद के कारण उनके टिफिन की मांग बढ़ती गई और यूनिवर्सिटी, पुलिस लाइन समेत कई सरकारी कार्यालयों तक खाना पहुंचने लगा. इस काम से उन्होंने 8, 10 लोगों को रोजगार भी दिया, लेकिन 2020 में कोरोना के कारण कारोबार बंद हो गया और परिवार को गांव लौटना पड़ा. पति राजेश के सहयोग और अपने हौसले से अर्चना ने दोबारा शुरुआत की. करीब 6 साल पहले उन्होंने सिविल लाइन में राधे रेस्टोरेंट शुरू किया. आज यहां रोजाना करीब 400 लोग खाना खाते हैं और 12 लोगों को रोजगार मिला है.
सागर की अर्चना श्रीवास्तव ने 2007 में महज 12 टिफिन से अपना काम शुरू किया था. अच्छी क्वालिटी और स्वाद के कारण उनके टिफिन की मांग बढ़ती गई और यूनिवर्सिटी, पुलिस लाइन समेत कई सरकारी कार्यालयों तक खाना पहुंचने लगा. इस काम से उन्होंने 8, 10 लोगों को रोजगार भी दिया, लेकिन 2020 में कोरोना के कारण कारोबार बंद हो गया और परिवार को गांव लौटना पड़ा. पति राजेश के सहयोग और अपने हौसले से अर्चना ने दोबारा शुरुआत की. करीब 6 साल पहले उन्होंने सिविल लाइन में राधे रेस्टोरेंट शुरू किया. आज यहां रोजाना करीब 400 लोग खाना खाते हैं और 12 लोगों को रोजगार मिला है.
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